योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण को आप राष्ट्रीय कार्यकारिणी से सत्ता में आने के बाद बाहर करना आप पार्टी के लिए घातक बनेगा। केजरीवाल योगेन्द्र और प्रशांत को साथ लेकर चलना चाहिए था। केजरीवाल को आम आदमी की राय लेनी चाहिए थी। केजरीवाल का सेहत ठीक ना होते हुए भी दो पद रखना सत्ता का लोभ। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में केजरीवाल को उपस्तिथ होना चाहिए था। केजरीवाल को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में लिए फसले को रद्द कर देना चाहिए।
आर एम मित्तल
मोहाली
आर एम मित्तल
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