कामयाबी
सिर्फ आसमान छू लेने से इंसान कामयाब नहीं कहलाता है ।
असली कामयाबी तो वो है कि आसमान को छू लो और पाव भी जमींन पर हो।
सेवा
सिर्फ सेवा करना सेवा नही कहलाता
सेवा करने वाले के दिल में भी जगह बनानी पड़ती है।
आर एम मित्तल
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