प्रार्थना रोगों को दूर करने में सहायक
**********************************
प्रार्थना एक धार्मिक क्रिया है जो ब्रह्माण्ड के किसी 'महान शक्ति' से सम्बन्ध जोड़ने की कोशिश करती है। प्रार्थना का सरल भाषा में अर्थ है अपने बड़े से मांगना जो देने में सक्षम हो। दूसरे सब्दो में प्रार्थना निवेदन करके उर्जा प्राप्त करने की शक्ति है और अपने इष्ट या प्रधान देव से सीधा संवाद है। प्रार्थना लौकिक व अलौकिक समस्या का समाधान है।प्रार्थना के महत्व को बताने के लिये विदेशों में भी अनेक शोध हुये हैं, जिनका अघ्ययन बतलाता है कि प्रार्थना करने वाले व्यक्तियों में स्टेस हॉर्मोन जैसेः-एपीनेफ्रीन, नाएपीनेफ्रीन आदि कम मात्रा में स्त्रावित होते हैं जिससे उनमें तनाव कम पैदा होता है। तथा प्रार्थना न करने वाले व्यक्तियों में इन हॉर्मोनों का स्त्राव अधिक होने के कारण उनमें अधिक तनाव पैदा हेाता है। इस प्रकार प्रार्थना से मस्तिष्क में तनाव कम पैदा होने के साथ साथ तनाव से लडने की प्रतिरोधी प्रणाली की क्षमता में भी वृद्धि होती है।
आर एम मित्तल
मोहाली
No comments:
Post a Comment